ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ II का निधन हो गया है। उन्होंने 6 फरवरी 1952 में ब्रिटेन का शासन संभाला था। तब उनकी उम्र सिर्फ 25 साल थी, तब से अब तक 70 साल तक उन्होंने शासन किया। गुरुवार को उनके निधन के बाद प्रोटोकॉल के मुताबिक अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही हैं।
क्वीन एलिजाबेथ का अंतिम संस्कार शाही परंपरा के मुताबिक 10वें दिन यानी 19 सितंबर को किया जाएगा। स्कॉटलैंड के बाल्मोरल कैसल से उनका पार्थिव शरीर लंदन लाया जाएगा। यहां वेस्टमिंस्टर ऐबे में उनका अंतिम संस्कार होगा। अंतिम संस्कार से जुड़ी परंपराएं 12 दिन तक चलेंगी। महारानी को प्रिंस फिलिप के बाजू में दफनाया जाएगा।
अंतिम संस्कार से ठीक पहले क्वीन का पार्थिव शरीर 4 दिन तक वेस्टमिंस्टर हॉल में रखा जाएगा, ताकि आम लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे सकें।
18वीं शताब्दी के बाद से वेस्टमिंस्टर ऐबे में किसी सम्राट का अंतिम संस्कार नहीं हुआ है। हालांकि महारानी की मां का अंतिम संस्कार 2002 में यहीं हुआ था।
स्कॉटलैंड से लंदन तक महारानी की अंतिम यात्रा क्वीन एलिजाबेथ का पार्थिव शरीर स्कॉटलैंड के बाल्मोरल कैसल से लंदन के बकिंघम पैलेस पहुंचेगा। वहां से इसे वेस्टमिंस्टर हॉल लाया जाएगा। इस दौरान मिलिट्री परेड होगी। शाही परिवार के सदस्य भी इस सफर में शामिल रहेंगे।
5वें दिन वेस्टमिंस्टर हॉल पहुंचेगा पार्थिव शरीर
महारानी के निधन के अगले दिन यानी आज भारतीय समय के मुताबिक, 3:30 बजे किंग चार्ल्स को सेंट जेम्स पैलेस में नया किंग घोषित किया जाएगा।
शोक संदेश पर सहमति के लिए संसद की बैठक होगी। अन्य सभी संसदीय कार्य 10 दिनों के लिए निलंबित रहेंगे। हाउस ऑफ कॉमन्स में सांसद श्रद्धांजलि देंगे।
भारतीय समय के मुताबिक, रात 9 बजे प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल नए प्रिंस के साथ जनता को संबोधित करेंगे।
सरकार राष्ट्रीय शोक की अवधि की पुष्टि करेगी। राष्ट्रीय शोक के 12 दिनों तक रहेगा।
वेस्टमिंस्टर ऐबे, सेंट पॉल कैथेड्रल और विंडसर कासल में लगे बड़े बेल बजाकर शोक जताया जाएगा । महारानी को गन सैल्यूट दिया जाएगा। हाइड पार्क में महारानी के जीवन के हर साल को याद करते हुए 96 बार फायर किया जाएगा।
नए किंग देश के नाम टीवी संबोधन देंगे। वो नए राजा के तौर पर महारानी को श्रद्धांजलि देंगे।
दूसरे दिन महारानी का ताबूत बकिंघम पैलेस लौटेगा। उनके पार्थिव शरीर को शाही ट्रेन या प्लेन से बाल्मोरल से लंदन ले जाया जाएगा। इस दौरान ब्रिटिश PM और मंत्री मंडल पैलेस में मौजूद रहेगा।
तीसरे दिन किंग चार्ल्स यूनाइटेड किंगडम के दौरे पर जाएंगे। शुरुआत स्कॉटिश संसद से होगी। इसके बाद वे एडिनबरा में सेंट जाइल्स कैथेड्रल जाएंगे।
चौथे दिन क्वीन एलिजाबेथ के पार्थिव शरीर को बकिंघम पैलेस से वेस्टमिंस्टर हॉल ले जाने की रिहर्सल की जाएगी।
पांचवे दिन महारानी एलिजाबेथ के पार्थिव शरीर को बकिंघम पैलेस से वेस्टमिंस्टर हॉल ले जाया जाएगा।
छठवें दिन अंतिम संस्कार की रिहर्सल की जाएगी।
सातवें दिन किंग चार्ल्स वेल्स संसद में एक और शोक प्रस्ताव प्राप्त करने के लिए वेल्स की यात्रा करेंगे। वे कार्डिफ में लियानडाफ कैथेड्रल भी जाएंगे।
10वें दिन अंतिम संस्कार किया जाएगा। पूरे देश में 2 मिनट का मौन रखा जाएगा। विंडसर कासल में एक सेरेमनी के बाद महारानी को किंग जॉर्ज VI मेमोरियल चैपल में दफनाया जाएगा।
10वां दिन ‘राष्ट्रीय शोक दिवस’ होगा। अगर उस दिन अवकाश नहीं हुआ तो कंपनियां तय कर सकेंगी कि कर्मचारियों को बुलाना है या नहीं।
पहले ही हो गई थी ‘डी डे’ की प्लानिंग महारानी के निधन के दिन यानी ‘डी डे’ की पूरी प्लानिंग पहले ही हो गई थी। साल 2021 में कुछ डॉक्यूमेंट्स लीक हुए थे, जिसमें अंतिम संस्कार की तैयारियों का सीक्रेट प्लान था। ‘ऑपरेशन लंदन ब्रिज’ के मुताबिक ही तैयारियां हो रही हैं। प्लानिंग के मुताबिक, रॉयल परिवार की वेबसाइट का पेज ब्लैक कर दिया गया। महारानी के निधन के बाद 10 मिनट के भीतर वॉइटहॉल के झंडे आधे झुकाने का जिक्र इस ऑपरेशन में किया गया था। ऑपरेशन स्प्रिंग टाइड में प्रिंस चार्ल्स की ताजपोशी का जिक्र था।