भाषा विवाद में हुई अक्षय कुमार की एंट्री:बोले- पैन इंडिया शब्द मुझे समझ नहीं आता, डिवीजन से हमारा बेड़ा गर्क हुआ
May 21, 2022
अंग्रेजी में पिछड़ रहे जापानी बच्चे:10वीं-12वीं क्लास के 50% से ज्यादा स्टूडेंट्स अंग्रेजी नहीं बोल पाते,
May 21, 2022

ऑस्ट्रेलिया चुनाव 2022:अपनी ही पार्टी में घिरे PM मॉरिसन की राह मुश्किल, रविवार को आएंगे नतीजे; जानिए सब कुछ

ऑस्ट्रेलिया में 21 मई को संसदीय चुनाव होने जा रहे हैं। यहां सरकार का कार्यकाल 3 साल है। फिलहाल, प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन हैं। वैसे तो 6 कैंडिडेट प्राइम मिनिस्टर पोस्ट की रेस में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला मॉरिसन के गठबंधन और लेबर पार्टी के नेता एंथनी अल्बानीस के बीच माना जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया दुनिया के उन चंद देशों में शामिल है, जहां कानूनी तौर पर मतदान जरूरी है। ऐसा न करने वालों पर जुर्माना लगाया जाता है। यहां ऑस्ट्रेलिया के चुनाव से जुड़ी कुछ अहम बातें जानते हैं।

इस बार मुकाबला कड़ा
ऑस्ट्रेलियाई मीडिया की रिपोर्ट्स बताती हैं कि इस बार चुनावी मुकाबला काफी कड़ा है। प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन पिछले चुनाव में भी सीधी जीत हासिल नहीं कर पाए थे। उन्होंने छोटी पार्टियों के साथ मिलकर सरकार बनाई थी। अब उनके सहयोगी ही उनकी मुखालफत कर रहे हैं। इसलिए माना ये जा रहा है कि कोई भी पार्टी सीधी जीत हासिल करके पूर्ण बहुमत हासिल नहीं कर पाएगी। सरकार बनाने के लिए छोटी पार्टियों और निर्दलियों की मदद लेनी होगी।

महिलाओं के वोट अहम
इस बार के चुनाव में महिलाओं के वोट काफी अहम माने जा रहे हैं। इसकी वजह से महिलाओं से भेदभाव के आरोप हैं। ऑस्ट्रेलियाई इतिहास में सिर्फ एक महिला प्रधानमंत्री हुई और वो थीं जूलिया गिलार्ड। सरकार के अहम पदों पर पुरुष ही तैनात हैं। मॉरिसन को संसद में महिला स्टाफर के यौन शोषण के मुद्दे पर देश से माफी मांगनी पड़ी थी। इस बार ज्यादातर महिलाएं उनकी सरकार के खिलाफ नजर आती हैं।

संसदीय चुनाव की कुछ अहम बातें

  • ऑस्ट्रेलिया में हमारे देश की तरह ही दो सदन हैं। ऊपरी सदन को सीनेट और निचले सदन को हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स कहा जाता है। निचले सदन में बहुमत पाने वाली पार्टी या गठबंधन का नेता ही प्रधानमंत्री बनता है। इसकी 151 सीटों के लिए 21 मई को वोटिंग होनी है।
  • इसके साथ ही ऊपर सदन की 50% सीटों के लिए भी वोटिंग होगी। इसका कार्यकाल 6 साल है और हर 3 साल में आधे सदस्य बदल जाते हैं। इन आधे सदस्यों के लिए भी वोटिंग होनी है।
  • 18 साल या इससे अधिक उम्र के सभी ऑस्ट्रेलियाई नागरिक वोटिंग कर सकते हैं। प्रधानमंत्री बनने के लिए उम्र तय नहीं है। दूसरे शब्दों में कहें तो 18 साल या ज्यादा उम्र के जो लोग वोटिंग कर सकते हैं, वो चुनाव भी लड़ सकते हैं और प्रधानमंत्री भी बन सकते हैं।
  • इन मुद्दों पर रहेगा फोकस
  • कोविड के दौर में भी इकोनॉमी बेहतर रही। इस साल इसमें 4.25% की ग्रोथ की उम्मीद।
  • बेरोजगारी दर 4% पर ठहरी, ये 2008 के बाद से सबसे कम दर। इकोनॉमी और अनएम्प्लॉयमेंट जैसे मुद्दों पर मॉरिसन कामयाब रहे।
  • फ्यूल, इलेक्ट्रिसिटी और दूसरी चीजें महंगी। मॉरिसन को इस मामले पर विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
  • क्लाइमेट चेंज बहुत बड़ा मुद्दा। जंगलों की आग और बाढ़ को लेकर सरकार घिरती रही।
  • महिलाओं से भेदभाव और बराबर के मौके न मिलना भी बहुत बड़ा मुद्दा। इसको लेकर विरोध प्रदर्शन अब तक जारी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *