

पाकिस्तानी धरती पर सक्रिय आतंकी संगठन अब भी लगातार भारत को निशाना बना रहे हैं और पाकिस्तान ऐसे संगठनों पर लगाम लगाने में नाकाम रहा है। पाकिस्तान को ये आईना अमेरिका ने दिखाया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की ‘कंट्री रिपोर्ट्स ऑन टैररिज्म 2020’ में साफतौर पर पाकिस्तान को आतंकवाद रोकने के मामले में ‘फेल स्टेट’ करार दिया है।
साथ ही रिपोर्ट में कहा गया है कि जैश-ए-मोहम्मद के फाउंडर मसूद अजहर और लश्कर-ए-तैयबा के साजिद मीर जैसे 2008 के मुंबई हमले और 2019 के पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड आतंकी पाकिस्तान में आजाद घूम रहे हैं। पाकिस्तान इनके समेत किसी भी आतंकी को सजा देने में नाकाम रहा है।
‘अपने’ आतंकी और ‘दूसरे’ आतंकी का फर्क करता है पाकिस्तान
रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान आतंकियों को ‘अपने’ और ‘दूसरे’ कैटेगरी में रखकर अंतर करता है। पाकिस्तान के अंदर हमले करने वाले तहरीक-ए-तालिबान (TTP), ISIA-K और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी जैसे संगठनों के खिलाफ वहां की सेना व अन्य सुरक्षा बल लगातार कठोर कार्रवाई करते रहते हैं।
दूसरी तरफ अन्य आतंकी संगठन, खासतौर पर भारत में आतंकवाद फैला रहे संगठन पाकिस्तानी धरती से बेरोकटोक अपनी हरकतों को अंजाम दे रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है,’पाकिस्तान ने अपने 2015 के नेशनल काउंटर टैररिज्म एक्शन प्लान के सबसे मुश्किल पहलू पर बेहद सीमित प्रोग्रेस की है। खासतौर पर सभी आतंकी संगठनों को बिना किसी भेदभाव और देरी के कार्रवाई कर खत्म करने में पाकिस्तान फेल रहा है।’
रिपोर्ट में लश्कर-ए-ताएबा के फाउंडर हाफिज सईद के खिलाफ पाकिस्तानी अदालतों में कार्रवाई के दिखावे का उदाहरण दिया गया है। रिपोर्ट में याद दिलाया गया है कि कैसे सईद को टैरर फंडिंग के कई आरोपों में पहले फरवरी में 5 साल और फिर नवंबर में 6 महीने जेल की सजा सुनाई गई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान अपने यहां रह रहे दूसरे आतंकी लीडर्स को सजा देने में फेल रहा है। इनमें जैश फाउंडर मसूद अजहर और 2008 मुंबई अटैक का मास्टरमाइंड साजिद मीर भी शामिल हैं।
रिपोर्ट में भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई की तारीफ की गई है।
रिपोर्ट में भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई की तारीफ की गई है।
ISIS के लिए काम कर रहे 66 भारतीय आतंकी
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि खूंखार आतंकी संगठन ISIS में भारतीय मूल के आतंकियों ने गहरी पैठ बना ली है। नवंबर तक अपडेट जानकारी के हिसाब से ISIS में भारतीय मूल के 66 आतंकियों की पहचान की जा चुकी है।
सीमित संसाधनों में आतंक के खिलाफ असरदार भारतीय एजेंसियां
रिपोर्ट में भारतीय सुरक्षा बलों की भी तारीफ की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय सुरक्षा एजेंसियां आतंकवादी खतरे को प्रभावी तरीके से कम कर रही हैं। हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारतीय एजेंसियां यह काम इंटरएजेंसी इंटेलिजेंस और इंफॉर्मेशन शेयरिंग में बेहद खराब तालमेल के बावजूद करने में सफल रही हैं।