

अनूठी पहल:शादी से दाे दिन पहले बेटी काे घाेड़ी पर बैठाकर गांव में निकाला बनवाराबेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का संदेश देने के लिए युवती और ताऊ की थी इच्छा
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का संदेश देने, लाेगाें की साेच बदलने के उद्देश्य से बेटी और उसके ताऊ की इच्छा पर लाडवा गांव में शादी से दाे दिन पहले ग्रामीणाें ने बेटी काे घाेड़ी पर बैठाकर फूल मालाओं के साथ बनवारा निकाला। बेटी घाेड़ी पर बैठकर अपने ताऊ के यहां पर पहुंची।
गांव में जगह-जगह स्वागत किया गया। अब शादी भी बिना दहेज की हाेगी। यही नहीं घरातियाें और बारातियाें से पाेस्टर और बैनर आदि के माध्यम से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की अपील की जाएगी। लाडवा गांव के विनोद कुमार जाखल ने बताया कि उसकी बहन ज्याेति बीए पास है। कुछ समय पहले ही हिसार के कैमरी राेड के रहने वाले माेहित के साथ शादी तय की गई थी।
ज्याेति और उसके ताऊ भीम की इच्छा थी कि ज्याेति की शादी में कुछ ऐसा किया जाए ताकि लाेगाें काे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का संदेश मिले। 4 अप्रैल काे शादी हाेनी तय की गई। बताया कि लाेगाें काे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का संदेश देने के लिए ज्याेति के लिए बनवारे की रस्म काे अलग तरह से करने का निर्णय लिया गया।
2 अप्रैल काे शाम के समय ज्याेति काे घाेड़ी पर बैठाकर बनवारे की रस्म की गई। हालांकि लाेग बेटी काे घाेड़ी पर बैठाकर बनवारे की रस्म नहीं करते हैं। ज्याेति काे घाेड़ी पर बैठाकर ही उसके ताऊ के घर तक ले जाया गया। विनाेद ने बताया कि शादी भी बिना दहेज की जाएगी। 4 अप्रैल काे हिसार से बारात आएगी।
लाेगाें काे साेच बदलनी चाहिए
ज्याेति का कहना है कि कुछ लाेग अभी भी बेटियाें काे बेटाें से कम तवज्जो देते हैं। लाेगाें काे साेच बदलनी हाेगी। साेच बदलने के उद्देश्य से ही बनवारे की रस्म घाेड़ी पर बैठाकर की गई। लाेगाें से बेटियाें काे पढ़ाने की अपील की है।
परिवार से सीख लेनी चाहिए
अन्य लाेगाें काे भी लाडवा की ज्याेति और उसके परिवार के सदस्याें से सीख लेनी चाहिए। परिवार ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया है।”