

गेहूं खरीद पर हंगामा:करनाल में किसान अड़े तो डीसी ने बिना शेड्यूल बिकवाया गेहूं, 6 जिलों में फसल लेकर पहुंचे, पर नमी ज्यादा होने से रिजेक्टकिसानों के विरोध के बाद तीसरी बार बदली खरीद प्रक्रिया, अधिकारी व किसान उलझे
करनाल के डीसी का दावा- मंडियों में बिना शेड्यूल भी गेहूं लाकर बेच सकेंगे किसान
गेहूं खरीद की प्रक्रिया किसानों को सीजन के शुरुआत में ही रास नहीं आ रही। करनाल में दो दिन तक हुए किसानों के हंगामे के कारण सरकार 3 बार प्रक्रिया में बदलाव कर चुकी है। अब सरकार ने गेहूं खरीद के लिए पोर्टल पर दिन निर्धारित करने का जिम्मा किसानों को ही सौंप दिया है। वह ई-खरीद पोर्टल पर जाकर अपनी मर्जी का दिन तय कर सकेंगे।
वहीं, प्रदेश के 6 जिले ऐसे हैं, जहां फसल तो मंडियों में पहुंची, लेकिन नमी 15 फीसदी होने के कारण रिजेक्ट हो गई। अब किसान मंडी में ही अपनी फसल सुखा रहे हैं या फिर वापस लेकर चले गए।
करनाल के बीजना गांव का किसान भूपेंद्र सिंह बिना शेड्यूल के गेहूं लेकर शुक्रवार काे मंडी पहुंचा था, लेकिन उसकी गेहंू खरीदने से मना किया तो उन्होंने विरोध में करनाल मार्केट कमेटी कार्यालय गेहूं की ढेरी काे उतारकर धरना दे दिया था।
दो दिन से चल रहे धरने के बाद आखिरकार सरकार काे किसानों की मांग माननी पड़ी। करनाल के डीसी ने दावा किया कि अब प्रदेश की सभी मंडियों में बगैर शेड्यूल के भी किसानों के गेहंू की खरीद हाेगी। इसके लिए उस किसान का मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है।
करनाल के डीसी निशांत कुमार यादव ने सरकार की तरफ से आश्वासन दिया तो शनिवार साढ़े 4 बजे किसानों ने धरना समाप्त कर दिया। जो गेहूं की ढेरी मार्केट कमेटी के कार्यालय के बाहर डाली हुई थी, डीसी ने उसी ढेरी से खरीद शुरू करवा दी।
इससे पहले शनिवार दोपहर तक एसडीएम आयुष सिन्हा किसानों को समझा चुके थे, लेकिन किसान लिखित रूप से आदेश देने पर अड़े हुए थे। जिस टाइम एसडीएम, तहसीलदार, सेक्रेटरी कार्यालय में मीटिंग कर रहे थे। शनिवार को करनाल मंडी में बगैर शेड्यूल के आई 600 क्विंटल गेहंू का गेट पास जारी किया गया। गेहूं खरीद शुरू होने पर किसानों व अधिकारियों ने मिठाई बांटकर मुंह मीठा किया।
कुरुक्षेत्र, कैथल, अम्बाला, यमुनानगर, फतेहाबाद व सिरसा में खरीद बंद
कुरुक्षेत्र : 3 किसान गेहूं लेकर पहुंचे, पूरी खरीदने पर अड़े रहे
कुरुक्षेत्र नई अनाज मंडी में किसान गेहूं लेकर मंडी पहुंचे, लेकिन तीनों किसानों की गेट पास व बारदाना वितरित न होने के कारण फसल नहीं बिक सकी। व्यापारी भी फिलहाल 5 अप्रैल को होने वाली प्रदेशस्तरीय बैठक तक खरीद में सहयोग नहीं कर रहे, जिसके चलते किसानों को परेशान होना पड़ रहा है।
1 एकड़ की फसल लेकर गांव खेड़ी ब्राह्मणा से आए किसान निर्मल सिंह दोबारा ट्राली में गेहूं लोडकर वापस घर ले गया। वहीं का किसान राजकुमार 20 एकड़ की गेहूं लेकर पहुंचा, खरीद करने पहुंचे हैफेड के अधिकारियों ने एक ढेरी (70 क्विंटल) को सही मानकर खरीदने की बात कही, लेकिन किसान पूरी बेचने पर अड़ा रहा। यहां फसल खरीद नहीं हुई।
हिसार में सिर्फ एक किसान का गेहूं खरीदा गया।
सिरसा में नमी ज्यादा होने के कारण गेहूं की खरीद नहीं हुई। इसी तरह फतेहाबाद जिले में भी खरीद नहीं हो पाई।
भिवानी में 70 मीट्रिक टन की खरीद हुई।
रोहतक-झज्जर की मंडियों में फिलहाल फसल नहीं पहुंची।
10 तक रफ्तार पकड़ेगा सीजन
यमुनानगर की 13 अनाज मंडियों में गेहूं की आवक ने रफ्तार नहीं पकड़ी है। 3 दिन में 5 से 6 किसान ही गेहूं लेकर पहुंचे हैं। इनमें भी 3 किसानों ने सूखने के लिए फसल मंडी में डाली हुई है। ऐसे में 10 अप्रैल तक गेहूं का सीजन रफ्तार पकड़ेगा।
कैथल:1500 किवंटल गेहूं पहुंचीं, खरीदी नहीं
कैथल मंडी में 1500 क्विंटल गेहूं की आवक हुई। किसी भी ढेरी की खरीद नहीं हो सकी है। डीएफएससी के अधिकारी खरीद करने पहुंचे थे, लेकिन नमी की मात्रा 12 से अधिक होने के कारण किसी भी ढेरी की खरीद नहीं हो सकी है।
अम्बाला: 5 किसान पहुंचे, खरीद बंद रही
अम्बाला सिटी नई अनाज मंडी में अभी तक 5 किसानाें का गेट पास कटा है। शुक्रवार तक 170 किसानाें की पाेर्टल से लिस्ट आई थी। उनमें से 5 किसान मंडी में गेहूं लेकर पहुंचे। अभी मंडी में खरीद शुरू नहीं हुई है। किसान फसल काे मंडी में सूखा रहे हैं।