

ऑनलाइन गेम्स को लेकर बड़ी तैयारी:विदेशी ऑनलाइन गेम्स की लत छुड़ाने के लिए केंद्र सरकार ला रही ‘संस्कारी’ खेल; देवी-देवताओं और महापुरुषों पर होगा आधारितअब भी 98 फीसदी विदेशी गेम्स ही खेल रहे हैं बच्चे
देश में पबजी पर भले पाबंदी लग गई, मगर भारत में खेले जा रहे ऑनलाइन गेम्स में 98% विदेशी ही हैं। टेंपल रन और सब-वे सर्फर से एंग्री बर्ड्स जैसे गेम्स का कंटेंट, कैरेक्टर और मूल्य विदेशी हैं। केंद्र सरकार इसे बदलने की तैयारी में है। प्रयास सफल रहा तो मां दुर्गा और काली के साथ शिवाजी और झांसी की रानी जैसे देवी-देवता और महापुरुषों पर आधारित देसी गेम्स बच्चों को भारतीय मूल्यों के साथ गेमिंग का मजा देंगे।
ऑनलाइन गेम्स से विदेशी सोच में ढलती बच्चों की मानसिकता रोकने, स्वदेशी तथा संस्कारी गेम विकसित करने के लिए डॉ. पराग मनकीकर के नेतृत्व में बनी कमेटी ने एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग व कॉमिक्स (एवीजीसी) के लिए नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खोलने का ब्लूप्रिंट सरकार को दिया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने बताया, जुलाई-अगस्त तक योजना साकार होने लगेगी। मुंबई में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की योजना है। बाकी वर्टिकल्स पर भी समयबद्ध ढंग से अमल किया जाएगा।
विदेश में हिंसा और हथियार वाले गेम्स पर ज्यादा फोकस
डॉ. मनकीकर ने बताया, हमारा उद्देश्य तेजी से बढ़ रहे “पॉजिटिविटी मार्केट’ में भारत को विश्वगुरु बनाना है। दरअसल, विदेशी निवेशक हिंसा व हथियार वाले गेम्स पर फोकस करते हैं। इनका कारोबार 14.6 लाख करोड़ है। हालांकि शिक्षा, टूरिज्म, व्यवसाय, मैनेजमेंट मिलिट्री स्किल्स वाले गेम्स का ट्रेंड बढ़ रहा है।
इनका मार्केट भी 50 अरब डॉलर के पार चला गया है। डॉ. मनकीकर कहते हैं कि पॉजिटिविटी वर्टिकल में स्वास्थ्य,ध्यान, प्राणायाम जैसे वेलनेस उपायों व बाल मनोरंजन के लिए एवीजीसी में भारत के पास वर्कफोर्स तो है लेकिन वह बड़ी विदेशी कंपनियों के लिए काम कर रही है। भारत में कथा की समृद्ध विरासत के बावजूद विदेशी कंपनियां हमारे युवाओं के कौशल का फायदा उठा रही हैं।
डॉ. मनकीकर ने भास्कर से कहा, कोरोना महामारी ने दुनियाभर में असंतोष पैदा किया लेकिन इससे दया, सद्भावना, सकारात्मक सोच और समय के रचनात्मक उपयोग पर ध्यान गया। इससे पॉजिटिविटी मार्केट में उछाल आया है। केवल अमेरिका में मेडिटेशन मार्केट 1.2 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। भारत समेत दुनियाभर में पॉजिटिविटी मार्केट इससे कहीं अधिक है। सेहत से जुड़ी इकोनॉमी 2018 में 4.5 खरब डॉलर पहुंच गई और यह 6.4 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है।
4 महाद्वार बनाने की सिफारिश
एवीजीसी ट्रेनिंग एवं क्षमता निर्माण।
एवीजीसी शोध एवं विकास।
एवीजीसी प्रोजेक्ट निर्माण एवं गठबंधन।
एवीजीसी स्टार्टअप रोपण व आईपीआर।
एवीजीसी में उतारेंगे पंचतंत्र की कथा, ट्रेिनंग सेंटर बनेंगे
डा. मनकीकर ने बताया, युवाओं की लोकप्रिय भाषा एनीमेशन, विजुअल, गेमिंग और कॉमिक्स (एवीजीसी) है। पं. विष्णु शर्मा ने पंचतंत्र से मूल्यों की शिक्षा दी थी। एवीजीसी से यही काम हमें करना है। इसके लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के वर्चुअल ट्रेनिंग सेंटर के अलावा कौशल प्रशिक्षण केंद्र और राज्य स्तर पर ट्रेनिंग सेंटर खोलने की सिफारिश की गई है। हर सेंटर एक्सीलेंस क्लाउड से जुड़ा होगा। इस अभियान की अगुवाई सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय करेगा।