

जम्मू-कश्मीर में आर्मी का सुपर-30:गरीब स्टूडेंट्स को MBBS और NEET की तैयारी करवा रही सेना, दो साल में 52 बच्चों ने डॉक्टर-इंजीनियर के एग्जाम क्रैक किएजम्मू-कश्मीर में सुपर-30 प्रोग्राम के तहत सेना यहां के गरीब स्टूडेंट्स को MBBS और NEET की मुफ्त कोचिंग दे रही है। इस प्रोग्राम के जरिये प्रदेश में अब तक दो बैच के 52 स्टूडेंट्स अलग-अलग स्ट्रीम में एडमिशन लेकर अपना सपना पूरा कर रहे हैं।
सुपर 30 कोचिंग सेंटर के मैनेजिंग ट्रस्टी डॉ. रोहित श्रीवास्तव बताते हैं कि हम एक बैच को एक साल तैयारी करवाते हैं। बच्चों को रोज छह घंटे की क्लास में फिजिक्स, केमेस्ट्री, जूलॉजी और बॉटनी जैसे सब्जेक्ट की कोचिंग दी जाती है।
मार्च 2018 में शुरू हुई पहली बैच
आर्मी का सुपर-30 प्रोग्राम जम्मू-कश्मीर में 15 मार्च 2018 से शुरू हुआ। यहां एक साल में एक बैच को मेडिकल और इंजीनियरिंग की परीक्षा क्रैक करने की तैयारी करवाई जाती है। 2018-19 में 19 बच्चों का सिलेक्शन विभिन्न संस्थानों में हुआ। वहीं 2019-20 में 33 बच्चों ने मेडिकल और इंजीनियरिंग के एग्जाम क्लीयर किए।
गरीबों बच्चों का सपना पूरा करना हमारा लक्ष्य
डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि हमारा लक्ष्य जम्मू-कश्मीर में दूर-दराज के क्षेत्र से आने वाले गरीब बच्चों का सपना पूरा करना है। इन बच्चों के पास सुविधाएं और संसाधन नहीं हैं। अगर कुछ बच्चे अपनी प्रतिभा से आगे बढ़ते भी हैं तो गरीबी के कारण पीछे हट जाते हैं। सुपर 30 इन्हीं बच्चों के सपनों को गढ़ने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
कोचिंग ले रहे बच्चों ने कहा, हम अपना सपना पूरा कर रहे हैं
सुपर 30 के स्टूडेंट जगबीर सिंह ने बताया कि अगर हम एग्जाम के लिए प्राइवेट कोचिंग का विकल्प चुनते हैं, तो हमें यात्रा और आवास जैसे खर्चों के अलावा 2- 3 लाख रुपए देने होंगे। यह हमारे लिए मुश्किल है, लेकिन सुपर 30 के जरिये आज हमारा सपना पूरा हो रहा है।वहीं, कोचिंग ले रहे अन्य स्टूडेंट्स आरिफ भट और साहिल अजाज बताते हैं कि हमें सुपर 30 के जरिये बेहतरीन कोचिंग मिल रही है। ऐसे संस्थान की मदद से ही हम जैसे गरीब स्टूडेंट्स को अपनी जिंदगी बदलने का मौका मिल रहा है।