

बांग्लादेश और इंग्लैंड के बीच मंगलवार को वर्ल्ड कप 2023 का सातवां मैच खेला जाएगा। धर्मशाल स्टेडियम की आउटफील्ड ने चिंता बढ़ा रखी है। इंग्लैंड ने स्पष्ट कर दिया है कि उसके खिलाड़ी आउटफील्ड पर डाइव लगाने से बचेंगे। हाल ही में अफगानिस्तान के खिलाड़ी ने धर्मशाला की बाउंड्री लाइन पर डाइव लगाई और वो चोटिल होने से बच गया था। जानिए इंग्लिश कप्तान जोस बटलर ने क्या कहा।
मुनीष गारिया, धर्मशाला। वनडे विश्व कप के पहले मैच में क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला की आउटफील्ड की सामने आई स्थिति और उसे लेकर अफ्गानिस्तान के कोच जोनाथन ट्रॉट के बयान ने इंग्लैंड और बांग्लादेश दोनों की टीमों की चिंता बढ़ी दी है।
आउटफील्ड की स्थिति को देखते हुए england team तो अपना गेम प्लान ही बदल दिया है। आउटफील्ड को लेकर इंग्लैंड कप्तान जोस बटलर ने स्पष्ट तौर पर कह दिया है कि स्थितियां अच्छी नहीं हैं, इसलिए मंगलवार के मैच के दौरान हमें सुरक्षित रहकर खेलना होगा।
वहीं दूसरी ओरbangladesh team के सदस्य खुलकर आउटफील्ड पर सवाल तो नहीं उठा रहे हैं, लेकिन चिंतित बांग्लादेश टीम भी है। ऐसे में टीम के लोग परिस्थितियों के हिसाब से खेलने का हवाला दे रहे हैं। मंगलवार को धर्मशाला स्टेडियम में इंग्लैंड और बांग्लादेश के बीच मैच है। दोनों ही टीमों का विश्व कप का यह दूसरा मैच है।
सात अक्टूबर को धर्मशाला में ही एकतरफा मैच में अफगानिस्तान को हराकर बांग्लादेशी टीम के हौंसले बुदंल हो गए हैं। मंगलवार को sakeeb al hasan की कप्तानी में टीम विश्व कप में अपना विजय अभियान जारी रखने के लिए उतरेगी। बांग्लादेश के शीर्ष क्रम में बदलाव हो सकता है। लिटन दास की जगह नसुम अहमद ओपनिंग कर सकते हैं।
वहीं खराब फील्डिंग के चलते पहला मुकाबला हार चुकी इंग्लैंड टीम धर्मशाला में जीत का खाता खोलने की योजना से उतरेगी। स्पिन गेंदबाजों के पक्ष में तैयार धर्मशाला स्टेडियम की पिच के अनुसार दोनों टीमें मंगलवार को स्पिन गेंदबाजी पर अधिक ध्यान देंगी।
सात अक्टूबर को धर्मशाला में हुए बांग्लादेश व अफगानिस्तान मैच के दौरान आउटफील्ड की खराब स्थिति सामने आई थी। अफगानिस्तानी खिलाड़ी मुजीब उर रहमान चोटिल होने से बचे थे। वहींrasheed khan को भी आंशिक रूप से चोट आई थी। यह दोनों खिलाड़ी रन बचाने के लिए डाइव करने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन आउटफील्ड की स्थिति खिलाडि़यों का साथ नहीं दे रही थी।
पहले मैच के बाद हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगे हैं। सोमवार को इंग्लैंड और बांग्लादेश टीमों ने आउटफील्ड पर ही सवाल उठाए।
धर्मशाला स्टेडियम की आउटफील्ड को लेकर पिछले एक माह से सवाल उठ रहे थे। अगस्त माह के अंत में जब ग्राउंड का काम शुरू किया गया था तो एचपीसीए को महसूस हुआ कि आउटफील्ड से घास खराब हो गई है।
इसके बाद ग्राउंड में फंगल इंफेक्शन की बात कही गई, जिसे एचपीसीए ने गलत बताया। बरसात के कारण खराब हुई आउटफील्ड को सुधारने के लिए एचपीसीए की ओर से प्रयास तो काफी किए गए, लेकिन उनकी उम्मीदों के अनुरूप नहीं बन पाई।