

डिवेलपमेंट:रेलवे स्टेशन पर बनेंगी मल्टीस्टोरी बिल्डिंग, होटल व दुकानें; असंध और जाटल रोड से भी होगी कनेक्टिविटीपीपीपी मॉडल पर 280 करोड़ की लागत से 3 साल में पानीपत रेलवे स्टेशन को मिलेगा नया रूप
सभी प्लेटफॉर्म पर कोच इंडिकेटर सिस्टम भी लगाया जाएगा
रैपिड मेट्रो को करनाल तक ले जाने को 20 मार्च से होगा सर्वे
देश के बड़े स्टेशनों की तर्ज पर पानीपत रेलवे स्टेशन भी आधुनिक रूप से बनेगा। स्टेशन पर होटल बनेंगे। दोनों ओर दुकानें खुलेंगी। वर्तमान स्टेशन की बिल्डिंग और सीढ़ी को तोड़कर नए सिरे दो मंजिला स्टेशन और सीढ़ी बनाए जाएंगे। स्टेशन पर पहुंचने के लिए असंध और जाटल रोड से भी रास्ते दिए जाएंगे। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर 280 करोड़ की लागत से 3 साल में बनेगा पानीपत रेलवे स्टेशन बनकर तैयार होगा।
दूसरी ओर सराय काले खां से पानीपत के बीच बनने वाले बहुप्रतिक्षित रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम काे करनाल तक ले जाने के लिए सर्वे भी 20 मार्च से शुरू होने जा रहा है। 72 मिनट में दिल्ली से पानीपत के बीच सफर पूरा होगा। दोनों महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को लेकर बुधवार को डीसी धर्मेंद्र सिंह की संबंधित विभाग व जिला प्रशासन के अफसरों के साथ मीटिंग हुई। डीसी ने दोनों प्रोजेक्ट में बाधा बन रहे पॉइंट को क्लियर करने को कहा। डीसी ने पानीपत के तहसीलदार डॉ. कुलदीप को कहा कि रेलवे के पास जो जमीन है, उसकी निशानदेही करके रिकाॅर्ड समेत रेलवे को उपलब्ध कराएं। रेलवे स्टेशन के लिए सर्वे चल रहा है। इसके बाद डिजाइन बनेगा।
यात्रियों के लिए क्या सुविधा होगी
स्टेशन तक पहुंचने के लिए दो और रास्ते तैयार किए जाएंगे
स्टेशन पर पहुंचने के लिए फिलहाल तीन रास्ते हैं। मॉडल टाउन की ओर से, दूसरा रेलवे रोड से और तीसरा माल गोदाम की ओर से। स्टेशन पहुंचने के लिए असंध और जाटल रोड से भी रास्ता दिया जाएगा। असंध रोड और जाटल रोड फ्लाईओवर के नीचे से रेलवे स्टेशन को कनेक्ट किया जाएगा। अभी यहां कोई रास्ता नहीं है।
सभी पांचों प्लेटफाॅर्म पर कोच इंडिकेटर सिस्टम लगेगा
नए स्टेशन पर प्लेटफॉर्म की संख्या वर्तमान की तरह पांच ही रहेंगी। हालांकि, सभी प्लेटफॉर्म पर कोच इंडिकेटर सिस्टम लगाए जाएंगे, जिससे लंबी दूरी का सफर करने वाले यात्रियों को पता चल सकेगा कि उनका कोच किस जगह पर आएगा। अभी तक यह सिस्टम नहीं होने से पैसेंजरों को काफी परेशानी होती है।
मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में होटल और दुकानें खुलेंगी
रेलवे क्वार्टर को तोड़कर मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनाई जाएगी, ताकि जगह बचे। जहां पर होटल बनाए जाएंगे। साथ ही रेलवे स्टेशन के दोनों ओर दुकानें बनाई जाएंगी। जहां यात्रियों को खाने-पीने व खरीदारी की सुविधा भी मिलेगी। स्टेशन की पुरानी बिल्डिंग भी तोड़कर नए सिरे से बनेगी, जिसमें वेटिंग रूम अच्छे होंगे।
मॉडल टाउन से कनेक्टिविटी के लिए नया ब्रिज बनेगा
मॉडल टाउन से कनेक्टिविटी के लिए अभी जो फुटओवर ब्रिज बना हुआ है, वह बहुत पुराना है। इसे गिराकर नए सिरे से ब्रिज बनाया जाएगा। नया फुटओवर ब्रिज ज्यादा चौड़ा होगा, जिस पर यात्रियों के खड़े होने के लिए जगह भी मिलेगी। दोनों ओर से स्वचालित सीढ़ियां लगाई जाएंगी।
दुकानें व होटल किराए पर दे खर्चे की पूर्ति करेगी कंपनी
रेलवे के जीएम प्रोजेक्ट बालक राम नेगी ने मीटिंग में कहा कि पीपीपी मॉडल पर यह रेलवे स्टेशन बनेगा। निजी कंपनी इसका निर्माण करेगी। रेलवे के सुपरिंटेंडेंट आरडी कल्याण ने इस बारे में बताया कि 280 करोड़ रुपए का यह प्रोजेक्ट है। कंपनी स्टेशन डिवेलप करने के साथ ही कॉमर्शियल साइट भी बनाएगी, जिसमें होटल और दुकानें हैं। होटल और दुकानों को किराए पर देकर कंपनी खर्चे की पूर्ति करेगी। यह 99 साल के लिए हो सकता है।
118 ट्रेनें रुकती हैं, 40 हजार यात्री सफर करते हैं
सामान्य दिनों में पानीपत रेलवे स्टेशन पर 118 ट्रेनें रुकती हैं, जिनमें 40 हजार के करीब यात्री सफर करते हैं। यह पांच प्लेटफार्म के साथ ए कैटेगरी वाला स्टेशन है। दिल्ली-एनसीआर का मुख्य स्टेशन है, क्योंकि यह इंडस्ट्रियल टाउन है। इसका ऐतिहासिक महत्व भी है। इसलिए इसे पीपीपी मॉडल पर री-डिवेलप किया जाएगा।
62 स्टेशनों को री-डिवेलप करा रहा आरएलडीए, रेलवे स्टेशन की पार्किंग हो सकती है महंगी
रेल मंत्रालय के अधीन काम करने वाली रेल लैंड डिवेलपमेंट अथॉरिटी (आरएलडीए) यह प्रोजेक्ट पीपीपी मॉडल पर बनवाएगा। इसके लिए अधिकारियों ने रेलवे स्टेशन का भी दौरा किया था। देश के 62 रेलवे स्टेशन को री-डिवेलप कराने के लिए आरएलडीए काम कर रहा है।
भोपाल का हबीबगंज रेलवे स्टेशन भी पीपीपी मॉडल पर बन रहा है। हबीबगंज की बात करें तो वहां पर पार्किंग महंगी कर दी गई है, ताकि कम से कम वाहन पार्क हों। संभव है कि यहां पार्किंग शुल्क महंगा किया जाए।
इधर, लघु सचिवालय के पास बनेगा रैपिड स्टेशन
दिल्ली से आए रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के मुख्य परियोजना प्रबंधक विकास कुमार ने बैठक में रैपिड रेल के प्रोजेक्ट के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि 180 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से डिजाइन तैयार किया गया है। औसत स्पीड 100 किमी. होगी। इसमें बिजनेस क्लास कोच भी होगा। दिल्ली से पानीपत का सफर 72 मिनट में पूरा हो जाएगा। पानीपत में फिलहाल तीन स्टेशन बनेंगे, जिसमें समालखा, नया बस अड्डा सिवाह और पानीपत लघु सचिवालय के पास। डीसी ने कहा कि रैपिड का स्टेशन पुराने बस अड्डा के नजदीक बनाने का प्रयास करना है, ताकि पूरा शहर भी कवर हो जाएगा।
ड्रोन से सर्वे व मिट्टी जांच की अनुमति मांगी
करनाल तक इस कॉरीडोर को बढ़ाने के लिए 20 मार्च से सर्वे शुरू होगा। विकास कुमार ने जिला प्रशासन से ड्रोन सर्वे व मिट्टी की जांच की अनुमति मांगी। डीसी ने इन परियोजनाओं के लिए जिला राजस्व अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया और कहा कि प्रशासन हर संभव मदद देगा। बैठक में एसडीएम स्वप्निल पाटिल, निगम कमिश्नर वत्सल वशिष्ठ, डीआरओ चंद्र मोहन, डीडीपीओ राजबीर सिंह, तहसीलदार डॉ. कुलदीप सिंह, रेलवे के अधीक्षक आरडी कल्याण के अलावा विभिन्न अफसर शामिल हुए।