

सीएम की सभा:गठबंधन प्रत्याशियों को भ्रष्टाचार मुक्त की शपथ दिलाकर सीएम ने कहा- विपक्षी का पता नहीं दुबई मिलेगा या जेल मेंएक जनसभा और 20 जगह चाय कार्यक्रमों में एकजुटता का प्रयास, माहौल अनुसार दिए भाषण
सीएम बोले- भाजपा प्रत्याशी 13 साल की उम्र में इमरजेंसी में जेल गए, कई दोषी होकर जाते हैं, कृषि बिल को बताया बेहतर इनहांसमेंट पॉलिसी पर भी बोलेनगर निगम चुनाव प्रचार में सोमवार को सीएम मनोहरलाल खट्टर भी उतर गए। एक जनसभा और शहर में 20 जगह चुनावी रणनीति के तहत चाय कार्यक्रम किए। जनसभा में भाजपा-जजपा गठबंधन के मेयर व 20 पार्षद प्रत्याशियों को मंच की सीढ़ियों पर खड़े कर भ्रष्टाचार मुक्त रहने की शपथ दिलाई।
कांग्रेस प्रत्याशी निखिल मदान का बकायदा नाम लेकर उनका अवैध कारोबार का इतिहास के आरोप लगाए। यहां तक कहा कि विपक्षी प्रत्याशी पता नहीं दुबई होगा या जेल में।
सीएम ने भाषणों में कृषि कानूनों पर बोलकर किसानों को रिझाने का और इनहांसमेंट पॉलिसी पर बोलकर सेक्टर वासियों को रिझाने का प्रयास किया। शहर के अलग-अलग क्षेत्र में चाय अनुसार उनके भाषणों के बोल भी बदले।
सीएम मनोहरलाल 11 बजे सोनीपत पहुंचे। कबीरपुर में पहली जनसभा की। इसके बाद दिनभर चाय कार्यक्रम हुए। सांसद रमेश कौशिक, करनाल सांसद संजय भाटिया, पूर्व मंत्री कविता जैन, राजीव जैन, जिलाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली, जजपा नेता केसी बांगड़, जिलाध्यक्ष पदमसिंह दहिया सहित अन्य नेता उनके कार्यक्रमों में शामिल रहे। सीएम के एक कार्यक्रम के बाद अगले कार्यक्रम के लिए नेता माहौल बनाने और मंच संभालने के लिए आगे से आगे पहुंचते रहे।
सीएम के भाषणों के राजनीतिक मायने : कांग्रेस मेयर प्रत्याशी का नाम लेकर कटाक्ष, किसानों व सेक्टरवासियों को रिझाने का प्रयास
नाम लेकर कांग्रेस प्रत्याशी पर हमला, बोले- लैंड माफिया है, कई गलत धंधे हैं
सीएम ने कहा कि जेल में जाने का भी अंतर है। हमारे मेयर प्रत्याशी बत्रा 13 साल की उम्र में एमरजेंसी के समय तानाशाही के विरोध में जेल गए थे। वहीं एक आदमी दाेषी होकर जेल में जाता है, उसमें अंतर है। सामने वाले भी कभी न कभी जेल गए होंगे।
कांग्रेस का नाम न लेकर कहा कि सामने वाले प्रत्याशी क्या नाम हैं उनका, निखिल मदान। सोनीपत की जनता इतिहास जानती है। सट्टा, भुकी, हवाला, लैंड माफिया के धंधे किए हुए हैं। जनता की जेब से निचोड़े पैसे से मुंबई, दुबई में धंधे हैं। कल कहेगा मैं मुंबई जा रहा हूं, दुबई हूं। मुंबई, दुबई या जेल में जाएगा पता नहीं।
मायने : बरोदा उपचुनाव में इससे पहले विधानसभा चुनाव में सोनीपत शहरी सीट से कांग्रेस विधायक बने हैं। प्रतिद्वंदी सीधे तौर पर कांग्रेस को मानते हुए भाषण में उसके प्रत्याशी पर कटाक्ष किया।
पहल: उम्मीदवारों को लाइन में खड़ा कर भ्रष्टाचार मुक्त की शपथ
सीएम ने मंच पर बोलते हुए भाजपा-जजपा गठबंधन के मेयर प्रत्याशी व 20 वार्डों के प्रत्याशियों को मंच की सीढ़ियों पर लाइन में खड़ा किया। कहा कि कांग्रेस सरकार में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने खुद कहा था कि ऊपर से एक रुपया भेजते हैं तो नीचे 15 पैसे पहुंचते हैं।
भाजपा सरकार ने बिचौलिए भ्रष्टाचार करने वाले सफेदपोश के कपड़े खूंटियों पर टंगवा दिए। निगम में भी भ्रष्टाचार मुक्त शासन का आश्वासन दिलाते हुए प्रत्याशियों को खुले मंच पर शपथ दिलवाई।
मायने : निगम में भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहते हैं। जन्म-मुत्यु प्रमाण पत्र से नक्शे पास कराने तक कोई कार्य समयबद्ध नहीं होता है। सीएम ने ऑनलाइन सुविधा व भ्रष्टाचार मुक्त शासन का विश्वास दिलाते रहे हैं। निगम चुनाव में भी लोगों में मैसेज पहुंचाने का प्रयास।
सम्मान में दिया हल, बोले- कृषि कानूनों से किसानों को फसल बेचने की आजादी
मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन राजबीर दहिया, बरोदा उपचुनाव में कांग्रेस से दोबारा भाजपा में आए प्रदीप सांगवान के यहां सभा में सीएम को किसानों को मैसेज देने के लिए हल भेंट किया गया। सीएम बोले- अब प्रधानमंत्री ने बेचने की आजादी कृषि कानूनों से दी है। चाहे वह मंडी में एमएसपी पर बेचे या बाहर एमएसपी से ज्यादा पर। भंडारण कर जब मर्जी बेचे।
मायने : कुंडली बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन में किसानों में मैसेज पहुंचाने के लिए सरकार के कानूनों को सही करार दिया। आंदोलन के पीछे कांग्रेस का चेहरा सामने आने की बात कहते हुए राजनीतिक बचाव भी किया।
चाय से चुनावी रणनीति, शिकवे गिले दूर किए, नयों का स्वागत भी
सीएम की 20 जगह चाय कार्यक्रम हुए। इसमें मनाने व जोड़ने के साथ चुनावी रणनीति बनी। कांग्रेस छोड़कर आए अशोक छाबड़ा, प्रदीप गौतम प्रदीप सांगवान व राजबीर कटारिया के अलावा बार एसो प्रधान संदीप शर्मा, मेयर के टिकट के दावेदार रहे ओपी परुथी, तरुण देवीदास व पार्षद दावेदार प्रमोद शर्मा के यहां चाय की।
मायने : चुनाव के दौरान सीएम के पहले दौरे में जनसभा के अलावा 20 के करीब चाय चुनाव में पार्टी नेताओं, समर्थकों व अन्य दलाें से आए नेताओं के अलावा सामाजिक व व्यापारिक स्तर के लोगों को एकजुट करने का प्रयास किया।