

चारों दिशाओं से घिरी राजधानी:हाईवे पर बैठे किसान बोले- यहां भी टिकरी जैसा धरना, अब दिल्ली-जयपुर हाईवे पर पहुंचे किसानकृषि कानूनों के खिलाफ सड़क पर उतरे किसान संगठनों ने अब दिल्ली-जयपुर हाईवे 48 की रफ्तार रोक दी। रविवार को राजस्थान के शाहजहांपुर में एकत्रित हुए किसान 5 किलोमीटर पैदल चलकर दोपहर 2 बजे हरियाणा (रेवाड़ी)-राजस्थान सीमा पर पहुंचे।
यहां पहले से तैनात पुलिस, सीआईएसएफ एवं सीआरपी के जवानों ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बेरिकेडिंग कर हाईवे ब्लॉक कर दिया। 250-300 प्रदर्शनकारियों के दल ने हाईवे पर ही धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे मेधा पाटकर और योगेंद्र यादव ने कहा कि हमारा मकसद हाईवे जाम करना नहीं, बल्कि दिल्ली कूच करना है। राजस्थान पुलिस ने उन्हें आने दिया, मगर हरियाणा पुलिस आगे नहीं बढ़ने दे रही। हम दिल्ली जाएंगे, जहां पुलिस रोकेगी वहां धरना देंगे। शाम 5 बजे डीएसपी अमित भाटिया ने योगेंद्र यादव से बातचीत करते हुए जनहित में हाईवे से अलग हटकर धरने देने की पेशकश की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हाईवे आपने रोका है, हमें दिल्ली जाने दो।
बातचीत सिरे नहीं चढ़ी तो टिकरी बॉर्डर व अन्य जगहों की तरह ही जयपुर-दिल्ली हाईवे पर अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान कर दिया। गाड़ियों के सहारे हाईवे पर ही टेंट बनाकर डेरा जमा लिया। दिल्ली से जयपुर का रोड खोल दिया गया, मगर दिल्ली जाने का रास्ता ब्लॉक रहा। प्रशासन ने हरियाणा और राजस्थान की सीमा में 10 जगह रूट डायवर्ट कर वाहनों को निकाला।