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किसानों ने टोल प्लाजा फ्री करना शुरू किया; दिल्ली-जयपुर और दिल्ली-आगरा हाईवे जाम करेंगे

कृषि कानूनों का विरोध LIVE:किसानों ने टोल प्लाजा फ्री करना शुरू किया; दिल्ली-जयपुर और दिल्ली-आगरा हाईवे जाम करेंगेकृषि कानून रद्द करवाने की मांग पर अड़े किसानों ने आज आंदोलन तेज कर दिया। ऐलान के मुताबिक किसानों ने टोल प्लाजा फ्री करने शुरू कर दिए हैं। अंबाला के शंभू टोल प्लाजा पर वाहन बिना टोल चुकाए गुजर रहे हैं। करनाल का बस्तारा टोल प्लाजा भी फ्री कर दिया गया है। किसान आज दिल्ली-जयपुर और दिल्ली-आगरा हाईवे भी जाम करेंगे। उनका ये भी कहना है कि सरकार से बातचीत के दरवाजे खुले हैं, न्योता आया तो जरूर बात करेंगे।’आंदोलन में देश विरोधी घुसे हैं तो इंटेलीजेंस उन्हें पकड़े’
किसान आंदोलन में देश विरोधी लोगों के घुसने के आरोपों पर भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि इंटेलीजेंस को उन्हें पकड़ना चाहिए। अगर बैन ऑर्गेनाइजेशंस के लोग हमारे बीच घूम रहे हैं तो उन्हें जेल में डालना चाहिए। हमें ऐसा कोई नहीं मिला, अगर दिखेगा तो बाहर निकाल देंगे।

दिल्ली-हरियाणा के 5 टोल पर 3500 पुलिसकर्मी रहेंगे
किसानों के टोल फ्री करने की चेतावनी को देखते हुए फरीदाबाद पुलिस ने दिल्ली-हरियाणा के रास्तों में आने वाले 5 टोल प्लाजा पर 3500 पुलिसकर्मी तैनात करने की बात कही है। बदरपुर, गुरुग्राम-फरीदाबाद, कुंडली-गाजियाबाद-पलवल, पाली क्रशर जोन और धौज टोल प्लाजा पर प्रदर्शनकारियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। पुलिस का कहना है कि सभी का सम्मान करते हैं, लेकिन कानून व्यवस्था बिगड़ी तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।पंजाब से 50 हजार किसान आज दिल्ली पहुंचेंगे
आंदोलन में शामिल होने के लिए पंजाब के अलग-अलग जिलों के 50 हजार किसान शुक्रवार को दिल्ली के लिए रवाना हुए। ये आज शाम तक कुंडली बॉर्डर पहुंचेंगे। किसान मजदूर संघर्ष समिति से जुड़े ये लोग अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, जालंधर, कपूरथला और मोगा जिलों के हैं।

अब तक 11 किसानों की मौत
सर्दी और कोरोना के बावजूद किसान 17 दिन से दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे हैं। टिकरी और सिंघु बॉर्डर पर एक-एक कर अब तक 11 किसान दम तोड़ चुके हैं। किसी की जान पेट या सीने में दर्द की वजह से तो किसी की हादसे में गई। सर्दी में आसमान तले बैठे किसान लगातार बीमार पड़ रहे हैं।

कृषि कानूनों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अर्जी
किसानों ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाकर कहा कि नए कानून उन्हें कॉरपोरेट के भरोसे छोड़ देंगे। ये कानून जल्दबाजी में लाए गए हैं। ये अवैध और मनमाने हैं, इसलिए इन्हें रद्द किया जाए।

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