

रामायण का पाठ करने की परंपरा:श्रीराम जन्म से सीता हरण, रावण वध और अयोध्या में रामराज्य की स्थापना तक, 15 तस्वीरों में पूरी रामायण का सार राजस्थान के चित्रकार बीजी शर्मा ने 70-80 के दशक में बनाई थी रामायण की पूरी चित्र श्रृंखलाअयोध्या में श्रीराम के जन्म स्थान पर भव्य मंदिर के निर्माण का भूमि पूजन हो चुका है। श्रीराम कथा का सबसे प्रामाणिक ग्रंथ वाल्मीकि ऋषि द्वारा रचित रामायण को माना जाता है। इस ग्रंथ पर आधारित कई चित्रकारों ने रामायण की तस्वीरें भी बनाई हैं। राजस्थान के चित्रकार बीजी शर्मा ने भी रामायण की पूरी चित्र श्रृंखला बनाई थी। बीजी शर्मा का जन्म 5 अगस्त 1924 को हुआ था। इनका पूरा नाम भंवरलाल गिरधारीलाल शर्मा है। इन्हें चित्रकला के क्षेत्र में कई राष्ट्रीय अवार्ड भी मिल चुके हैं।
बीजी शर्मा आर्ट गैलरी से मिली जानकारी के अनुसार रामायण के ये सभी चित्र शर्माजी द्वारा 70-80 के दशक में बनाई गए थे। इन तस्वीरों को बनाने में काफी समय लगता है। इसीलिए इतने सालों में ये श्रृंखला पूरी हो सकी। इस श्रृंखला में 55 से ज्यादा तस्वीरें हैं।
रोज करना चाहिए रामायण का पाठ
रामायण का पाठ रोज करने की परंपरा पुराने समय से चली आ रही है। ये ग्रंथ काफी बड़ा है, ऐसी स्थिति में इस ग्रंथ के कुछ पेज का या कुछ श्लोकों का पाठ रोज कर सकते हैं। रामायण के सारांश का पाठ का भी किया जा सकता है, इससे भी वही पुण्य मिलता है जो पूरी रामायण को पढ़ने से मिलता है।