

कोरोना का खतरा अभी टला नहीं:एक्सपर्ट्स बोले- छूट पर ज्यादा ध्यान देने से बढ़ा संक्रमण, बाहर से आकर सीधे घर वालों से मिलना खतरनाकसिगरेट का धुआं और शराब, बस और ट्रेन का लापरवाही से सफर संक्रमण बढ़ने की बड़ी वजह
बस या ट्रेन का आधा घंटे से ज्यादा इंतजार करना पड़ता है, तो वहां संक्रमण का खतरा ज्यादा
भले ही कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण चल रहा हो, पर संक्रमण का खतरा जस का तस है। इस खतरे की सबसे बड़ी वजह कोरोना की सावधानियों का पालन करने में छोटी गलतियां हैं। ब्रिटिश वायरोलॉजिस्ट, साइकोलॉजिस्ट और सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि सुरक्षित क्या है, इस पर ध्यान देने के बजाय लोग कोरोनाकाल में क्या-क्या छूट मिली हुई है, इस पर ध्यान दे रहे हैं। यही लापरवाही घातक है।
ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी में स्वास्थ्य मनोविज्ञान के प्रोफेसर लूसी यार्डले ने बताया कि लॉकडाउन की पाबंदी कम होने के बाद अचानक बबल से निकलकर लोग मिल रहे हैं। भले आप मास्क लगाएं, हाथ सैनिटाइज करें, पर आप कितने लोगों के संपर्क में आने के बाद एक-दूसरे से मिले, यह पता नहीं होता है।
ज्यादातर लोग ये मानते हैं कि उन्हें घर वालों से कोई खतरा नहीं है। यही वजह है कि वह बाहर अपने दोस्त-यारों के साथ वक्त बिताने के बाद घर में परिजन, दादा-दादी से बगैर सावधानी के मिलते रहते हैं, जो घर में संक्रमण ला सकता है।
हवा भी कोरोना ला सकती है
खतरा इससे भी है कि ज्यादातर लोग ये नहीं जानते या बताते हैं कि उन्होंने अनजाने में शारीरिक दूरी का उल्लंघन किया। लीसेस्टर विश्वविद्यालय के वायरोलॉजिस्ट प्रोफेसर जूलियन तांग के मुताबिक, जब आप संक्रमित इंसान के घर से आ रही शराब की गंध, या सिगरेट का धुंआ सूंघते हैं तो उससे भी खतरा है। घर में वेंटिलेशन का मतलब सिर्फ खिड़की खोलना नहीं है। यह हवा भी कोरोना ला सकती है।
एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी के पब्लिक हेल्थ प्रोफेसर लिंडा बाउल्ड के मुताबिक, बस या ट्रेन का आधा घंटे से ज्यादा इंतजार करना पड़ता है, तो वहां संक्रमण का खतरा रहेगा।
खराब हुआ वैक्सीन से भरा फ्रीजर
दूसरी ओर, अमेरिका के सिएटल शहर के एक अस्पताल में वैक्सीन से भरा एक फ्रीजर अचानक खराब हो गया। 1600 डोज खराब होने से बचाने के लिए स्थानीय लोगों को आधी रात को टीका लगवाने का मैसेज दिया। मैसेज मिलते लोग दौड़ पड़े। आलम ये था कि 12 घंटे में दो मेडिकल सेंटरों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लग गईं।