

तेजपुर यूनिर्विसटी से पीएम LIVE:18वें दीक्षांत समारोह में बोले पीएम मोदी- 1200 से ज्यादा छात्रों के करिअर के साथ जुड़ा तेजपुर विश्वविद्यालय का नामप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज असम के तेजपुर विश्वविद्यालय के 18वें दीक्षांत समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित कर रहे हैं। इस दौरान पीएम ने कहा कि आज 1200 से ज्यादा स्टूडेंट्स के लिए जीवन भर याद रहने वाला क्षण है। आपके शिक्षक, आपके माता- पिता के लिए भी आज का दिन बहुत अहम है।
स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में प्रवेश कर रहा देश
उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी बात यह है कि आज से आपके करिअर के साथ तेजपुर विश्वविद्यालय का नाम हमेशा के लिए जुड़ गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस साल हमारा देश स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। असम के असंख्य लोगों ने हमारे स्वतंत्रता संग्राम में योगदान दिया है। अब, यह आपके ऊपर है कि आप आत्मनिर्भर भारत के लिए अपने जीवन का उपयोग करें।यूनिवर्सिटी के केमेस्ट्री डिपार्टमेंट की सराहना की
इस दौरान पीएम ने यूनिवर्सिटी के केमेस्ट्री डिपार्टमेंट द्वारा स्वच्छ पेयजल के लिए किए गए कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि डिपार्टमेंट ने एक आसान और सस्ती तकनीक की दिशा में काम किया है, जिससे गुवाहाटी और अन्य राज्यों के कई गाँवों को भी मदद मिली है। इस नवाचार ने “हर घर जल” मिशन को गति देने और सशक्त बनाने में मदद की है।
इनोवेशन से खुल रहे विकास के नए द्वार
उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स के जमीनी स्तर के नवाचारों ने ‘वोकल फॉर लोकल’ की प्रेरणा दी है। ये नवाचार स्थानीय समस्याओं को सुलझाने में मदद कर रहे हैं और इस तरह विकास के नए द्वार खुल रहे हैं। नार्थ ईस्ट के विकास के बारे में बात करते हुए प्रधानमंत्री बोले कि हमारी सरकार आज जिस तरह नार्थ ईस्ट के विकास में जुटी है, जिस तरह कनेक्टिविटी, शिक्षा और स्वास्थ्य हर सेक्टर में काम हो रहा है, उससे आपके लिए अनेकों नई संभावनाएं बन रही हैं।
1,218 स्टूडेंट्स को मिलेगी डिग्री
इस समारोह में असम के राज्यपाल जगदीश मुखी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ और असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल भी शामिल हुए। इस समारोह के दौरान साल 2020 में पास हुए करीब 1,218 स्टूडेंट्स को डिग्री दी जाएगी। विभिन्न ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन प्रोग्राम के डिप्लोमा और 48 टॉपर्स को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया जाएगा। दीक्षांत समारोह में कोरोना को देखते हुए जरूरी बंदोबस्त भी किए गए हैं।
पीएचडी स्कॉलर को मिलेगी व्यक्तिगत रूप से डिग्री
PMO ने बताया कि सिर्फ पीएचडी स्कॉलर और स्वर्ण पदक विजेता व्यक्तिगत रूप से अपनी डिग्री और स्वर्ण पदक प्राप्त करेंगे, जबकि बाकी प्राप्तकर्ताओं को वर्चुअली डिग्री और डिप्लोमा प्रदान किए जाएंगे।