

भले ही भारत को लॉर्ड्स में 22 रन से करीबी हार झेलनी पड़ी, लेकिन दिग्गज ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने मुकाबले में इतिहास रचते हुए एक ऐसा कीर्तिमान बनाया, जो इससे पहले कभी कोई भारतीय नहीं कर पाया. दूसरी पारी में 61 रन बनाकर नाबाद रहे जडेजा ने अंत तक भारत की जीत की उम्मीदें कायम रखीं. वह टीम को जीत के बेहद करीब भी ले जा चुके थे, लेकिन साथ न मिलने की वजह से भारत को हार मिली. जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज ने जडेजा का बखूबी साथ निभाया, लेकिन मैच जिताने के लिए काफी नहीं था.