

हाल ही में सेल्फ क्लेम क्रिटिक केआरके ने फैसला किया है कि वो रिव्यू करना छोड़ रहे हैं। साथ ही केआरके ने बताया है कि वो जल्द ही फिल्म प्रोडक्शन की तरफ रुख करने वाले हैं। ये दोनों ही है फैसले कमाल राशिद खान ने तब लिए हैं, जब बीते दिनों खिलाफ कई केस दर्ज हुए और उन्हें गिरफ्तार किया गया। मामले के बाद ही केआरके ने फिल्म रिव्यू न करने का फैसला लिया है। इस मामले में दैनिक भास्कर ने केआरके से खास बातचीत की, जिसमें उन्होंने आने वाले समय में उनके प्लान के बारे में बात की।
आप तो दुबई से रिव्यू करते हैं तो फिर क्यों छोड़ रहे हैं?
वह मसला नहीं है। वो तो मैं लंदन से लेकर इंडिया वगैरह कहीं से भी कर सकता हूं। एक रिव्यू के लिए ऐसा नहीं हो सकता न कि मैं देश छोड़ दूं। जाहिर सी बात है कि वो लोग जिन्होंने मुझ पर मानहानि के केस हैं, वो नहीं चाहते कि मैं रिव्यू करूं। आप लोग तो जानते हैं कि वो लोग कितने पावरफुल हैं। उन लोगों ने पावर का मिसयूज कर मुझ पर चार-चार केस बनाए। जेल भिजवाया। अब उनसे क्या दुश्मनी लूं। अब भी धमकियां आ ही रहीं हैं कि आगे भी केस डाल होते रहेंगे।
अपने फैंस के लिए क्या कहना चाहेंगे?
वो इस बात को समझेंगे कि KRK पर किस किस्म का दबाव है। यहां तक तो ठीक है। आपस का मसला समझ में आता है, मगर आगे मुझ पर दस और झूठे केस मढ़ दिए जाएं और एकाध महीना जेल में रख दिया जाए तो मेरे लिए बहुत प्रॉब्लम हो जाएगी। वो तो अवॉयड करना होगा। यहां बॉलीवुड में माफिया हैं। कॉरपोरेट हैं। उनका हजारों करोड़ का धंधा है। वो उसे तो बर्बाद होने नहीं देंगे।
आप को धमकियां कैसे मिल रही हैं फोन या ईमेल पर?
वो तो अलग अलग जगह से आ रही हैं वो तो। किसी किसी के थ्रू। मुझ तक संदेश पहुंचाया जा रहा है कि अगर रिव्यू करता रहा तो और भी केस मढ़ दिए जाएंगे। मैंने कहा कि बंद कर देते हैं।
रिव्यू टेम्प्रेरी तौर पर बंद कर रहे या परमानेंट?
वो तो परमानेंट ही बंद होगा। छह महीने या साल भर के लिए नहीं। साथ ही मैं किसी दूसरे फील्ड की किसी और चीजों का भी रिव्यू नहीं करूंगा।
तो फिर फिल्म प्रोडक्शन में कब उतरेंगे?
कोशिश तो यही रहेगी कि रिव्यू बंद किया तो फिल्म प्रोडक्शन में उतरूं। एक दो महीने में पता चल जाएगा कि क्या होगा।
बॉलीवुड में आपका साथ कौन देगा?
साजिद खान पर अलग तरह के आरोप थे। वहां इंडस्ट्री से उनका कोई खराब नाता नहीं था। वहां तो साजिद के पर्सनल मसले थे। मेरे मामले में तो इंडस्ट्री के बड़े नामों के साथ ही पंगे हैं। मेरे मामले में तो फेक केस बनाए गए। यहां तो मैटर ही अलग है। मैं फिल्म इंडस्ट्री का जूलियन असांज नहीं बनना चाहता। हमारे फेमस पेंटर एमएफ हुसैन साहब ने कोई गलत काम नहीं किया था। किसी का मर्डर नहीं किया था, मगर उन पर हर महीने चार केस हो जाते थे। अब ऐसे में वो अदालतों के चक्कर काटते रहते या फिर देश छोड़ते। उन्होंने दूसरा ऑप्शन चुना। मैं देश नहीं छोड़ सकता।
यानी नए चेहरों के साथ फिल्में बनाएंगे?
ऐसा भी नहीं है कि जिन लोगों ने मुझ पर फेक केस मढ़े तो सब के सब मेरे दुश्मन ही हैं। बॉलीवुड में सब कुछ बहुत नाप तौल कर करते हैं। ऐसे भी बहुत लोग हैं, जो मेरे साथ फिल्म करना चाहेंगे। उम्मीद है कि एक दो महीनों में हम अनाउंस कर फिल्में बना सकें।
आप ब्रह्मास्त्र का रिव्यू करेंगे?
जी नहीं। वह इसलिए कि मैं फर्स्ट डे फर्स्ट शो रिव्यू करता हूं। वह ब्रह्मास्त्र के साथ नहीं हो पाया, क्योंकि तब तो मैं जेल में था। बेशक मैं विक्रम वेधा का करूंगा, क्योंकि तब वह फर्स्ट डे फर्स्ट शो था।