रूस और यूक्रेन के बीच जंग नए दौर में पहुंच गई है। अब यूक्रेन के पूर्वी हिस्से में रूसी सेना तेजी से आगे बढ़ रही है और इसको लेकर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दोमिर जेलेंस्की साफ तौर पर खौफ में नजर आ रहे हैं। सेवेरोडोनेट्स्क पर कब्जे की जंग में भी व्लादिमिर पुतिन की फौज ही आगे नजर आ रही है। यूक्रेन की फौज के पास हथियार और दूसरे सामान की कमी होती जा रही है। जेलेंस्की ने मदद के लिए यूरोपीय देशों से गुहार लगाई है।
बातचीत की अब भी उम्मीद
‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ के मुताबिक, रूसी फौज के बढ़ने की वजह से यूरोपीय देशों पर भी दबाव है कि वो अब कोई बड़ा फैसला करें ताकि पुतिन को रोका जा सके। हालांकि, कुछ यूरोपीय नेताओं का मानना है कि अब भी बातचीत के जरिए कोई नतीजा निकाला जा सकता है। सेवेरोडोनेट्स्क के साथ ही पुतिन की फौज लिसिचांस्क की तरफ भी तेजी से बढ़ रही है। यह पूर्वी यूक्रेन का अहम और संवेदनशील हिस्सा है। इस महीने के आखिर में यूरोपीय देशों के नेता जी-7 के तहत मिलने वाले हैं। उम्मीद है कि इसमें यूक्रेन की मदद को लेकर बड़ा फैसला हो सकता है।
इस महीने के आखिर में जी-7 के नेता मिलने वाले हैं। माना जा रहा कि इस मीटिंग में यूक्रेन को मदद देने को लेकर कोई बड़ा फैसला हो सकता है।
पिकनिक स्पॉट पर सामूहिक कब्र मिली
सोमवार को पश्चिमी मीडिया ने एक अहम खबर दी। इसके मुताबिक, कीव शहर के बाहरी हिस्से में मौजूद जंगल में कुछ सामूहिक कब्रें मिली हैं। फिलहाल, एक ही कब्र से 7 शव निकाले जा चुके हैं। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि सभी लाशें कीव के लोगों की हैं। इन लोगों को रूसी सैनिकों ने टॉर्चर करने के बाद मार डाला। खास बात यह है कि कीव का यह बाहरी हिस्सा एक फेमस पिकनिक और टूरिस्ट स्पॉट था। यहां आमतौर पर कीव के नागरिक छुट्टियों का लुत्फ उठाने आते थे। इस जंगल के करीब ही एक छोटी नदी भी है।
यूक्रेन की राजधानी कीव के करीब एक जंगल में सोमवार को सामूहिक कब्र मिली। माना जा रहा है कि रूसी सैनिकों ने यहां के नागरिकों के यातनाएं देकर मार डाला था।
रूस का ऑयल एक्सपोर्ट कम नहीं हुआ
फिनलैंड से जारी एक स्पेशल रिपोर्ट में बताया गया है कि जंग के शुरुआती 100 दिनों में भले ही यूरोप और अमेरिका समेत कई देशों ने रूस से ऑयल इम्पोर्ट पर रोक लगा दी हो, लेकिन इसके बावजूद रूस का ऑयल एक्सपोर्ट कम नहीं हुआ। इस रिपोर्ट के मुताबिक, जंग के शुरुआती सौ दिन में रूस ने रिकॉर्ड 93 अरब डॉलर का ऑयल एक्सपोर्ट किया। इसके अलावा नैचुरल गैस एक्सपोर्ट से भी पुतिन सरकार ने मोटी कमाई की।