

शत्रुघ्न सिन्हा ने फिल्म कालीचरण की दिलचस्प कहानी का खुलासा किया, बोले- मुझे नैरेशन के दौरान नींद आ गई थीहाल ही में वेटरन एक्टर शत्रुघ्न सिन्हा ने ‘इंडियन आइडल 12’ के सेट पर एक स्पेशल एपिसोड शूट किया। शूटिंग के दौरान उन्होंने अपनी एक्टिंग जर्नी से जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से सुनाए। बातचीत के दौरान शत्रुघ्न सिन्हा ने बताया कि सुभाष घई की फिल्म ‘कालीचरण’ के लिए स्क्रिप्ट-नैरेशन के दौरान उन्हें नींद आ गई थी।4 शिफ्ट काम करके लौटा था
शत्रुघ्न सिन्हा बताते हैं, “मेरे एक बहुत अच्छे दोस्त, पारिवारिक मित्र और पत्नी के भाई सुभाष घई, जो उस समय एक नए डायरेक्टर थे, उन्होंने मुझे कालीचरण की पटकथा सुनाई। लेकिन सुनते सुनते ही मुझे नींद आ गई। लेकिन यह पूरी तरह से सच नहीं है। स्क्रिप्ट सुबह लगभग 3 से 4 बजे के बीच सुनाई जा रही थी और, मैं तीन से चार मूवी शिफ्ट पूरी करके वापस लौटा था और जब तक मैं घर पहुंचा, तब तक 2 बज चुके थे मैं तुरंत तरोताजा हो गया और नैरेशन के लिए सुबह 4 बजे उनसे मिला। मैं थक गया था, तो मुझे नैरेशन के दौरान नींद आ गई थी।”
पत्नी पूनम सिन्हा भी आएंगी
वह आगे कहते हैं, “लेकिन जब फिल्म बनाने की बात आई, तो मैंने सुभाष घई को अपना पूरा समर्थन दिया, जो एक बहुत अच्छे दोस्त हैं और दिलचस्प तथ्य यह है कि कालीचरण के अलावा, मैंने सुभाष के साथ तीन और फिल्में की। शत्रुघ्न की पत्नी पूनम सिन्हा भी इस स्पेशल एपिसोड में उनके साथ नज़र आएंगी।
फिल्मे से जुड़े कुछ और फैक्ट्स
1976 में आई कालीचरण बतौर लीड हीरो शत्रुघ्न की पहली हिट थी। इस फिल्म की स्क्रिप्ट को दुलाल गुहा, यश चोपड़ा और प्रकाश मेहरा सभी ने ठुकरा दिया। यह एकमात्र फिल्म है जिसमें रविंद्र जैन ने सुभाष घई के साथ गीत लेखक के रूप में काम किया और यह उनकी केके महाजन के साथ सिनेटोग्राफर की एकमात्र फिल्म है। फिल्म अजीत के आइकॉनिक डायलॉग ‘सारा शहर मुझे लायन के नाम से जनता है’ के लिए भी जानी जाती है।