

अदालतों में प्रयोग घटने से 2355 करोड़ लीटर पानी बचेगा:कागज की खपत कम करने पर काम कर रहा कानून मंत्रालय, हर साल बचेंगे 2.82 लाख पेड़देश की अदालतों में कागज की खपत अधिक होने से पर्यावरण पर भी असर पड़ रहा है। अदालतों में कागज की खपत कम करने की मांग समय-समय पर सुप्रीम कोर्ट और देश की कई हाई कोर्ट में उठ चुकी है। अब कानून मंत्रालय एक नीति पर विचार कर रहा है।
मंत्रालय इस पहल में सफल होता है तो अदालतों में होने वाली कागज की खपत को कम करने से ही साल भर में 2.82 लाख पेड़ बचेंगे। इससे न केवल 2355 करोड़ लीटर पानी की बचत होगी, बल्कि इतने पेड़ों से 3.39 करोड़ किलो ऑक्सीजन भी पैदा होगी।
सुप्रीम कोर्ट और देश के हाई कोर्ट पहले ऐसी पहल कर चुके हैं। पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार एक पेड़ से करीब 8333 पेपर तैयार होते हैं। एक पेपर तैयार करने में करीब 10 लीटर पानी खर्च होता है। कागज की खपत कम होगी तो निश्चित तौर पर पेड़ों और पानी की बर्बादी कम होगी। एक पेड़ सालाना 117 किलोग्राम ऑक्सीजन पैदा करता है और 22 किलोग्राम कार्बन सोखता है।