

2017 से 2020 तक हुई रजिस्ट्रियों की जांच:दूसरी रिपोर्ट में 60 से अधिक अफसरों पर कार्रवाई संभव, डिप्टी सीएम ने फिलहाल सीएम को नहीं सौंपी है जांच रिपोर्ट7-ए के तहत 2017 से 2020 तक हुई रजिस्ट्रियों की जांच पूरी हुई
7-ए के तहत वर्ष 2017 से 2020 तक हुई रजिस्ट्रियों की जांच अब लगभग पूरी हो गई है। तीन मंडलायुक्तों की रिपोर्ट पहले ही डिप्टी सीएम को सौंपी जा चुकी है। शेष तीन मंडलायुक्तों की जांच रिपोर्ट भी तैयार कर ली गई है। इसे बुधवार को डिप्टी सीएम को सौंप दिया जाएगा।
कुल मिलाकर अब 120 से अधिक नायब तहसीलदार और तहसीलदारों के नाम रिपोर्ट में शामिल हुए हैं। इन पर अब प्रदेश सरकार को निर्णय लेना है। राजस्व विभाग की ओर से जो तीन मंडलायुक्त करनाल, रोहतक और गुड़गांव की रिपोर्ट तैयार की गई है, इसमें करीब 60 से अधिक नायब और तहसीलदारों के नाम शामिल किए गए हैं। जबकि पहली जांच रिपोर्ट जिसमें हिसार, अम्बाला और फरीदाबाद मंडलायुक्तों ने रिपोर्ट दी थी, उसमें भी 55 से अधिक अफसरों के नाम शामिल थे।
सरकार अब इतने बड़ा एक्शन बजट सत्र के बाद लेगी या पहले, फिलहाल इस पर संशय बना हुआ है। राजस्व विभाग के एसीएस संजीव कौशल के अनुसार दूसरी रिपोर्ट बुधवार को कंपाइल होने के बाद डिप्टी सीएम को सौंप दी जाएगी।
कार्रवाई को लेकर सरकार को निर्णय लेना है। इधर डिप्टी सीएम पहले ही कह चुके हैं कि तीन साल की रजिस्ट्रियों की जांच के आदेश दिए गए हैं और जांच रिपोर्ट में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सभी छह मंडलायुक्तों की जांच रिपोर्ट अब डिप्टी सीएम के कार्यालय में कंपाइल होगी। जहां से उसे सीएम को सौंपा जाएगा।