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सही प्लानिंग जरूरी:अपनी जरूरतों और लाइफ स्टाइल को ध्यान में रखकर करें रिटायरमेंट प्लानिंग,

सही प्लानिंग जरूरी:अपनी जरूरतों और लाइफ स्टाइल को ध्यान में रखकर करें रिटायरमेंट प्लानिंग, नहीं तो बुढ़ापे में होना पड़ सकता है परेशानअपनी जरूरतों के लिए किसी पर आश्रित न रहना पड़े इसके लिए रिटायरमेंट प्लानिंग करना बहुत जरूरी है
रिटायरमेंट फंड के लिए हमेशा एक सही और अलग प्लानिंग की जानी चाहिए
आपको रिटायरमेंट के बाद अपनी जरूरतों के लिए किसी पर आश्रित न रहना पड़े इसके लिए रिटायरमेंट प्लानिंग करना बहुत जरूरी है। अपनी जरूरत और लाइफ स्टाइल के हिसाब से रिटायरमेंट फंड की प्लानिंग करना चाहिए। हम आपको कुछ ऐसी बातें बता रहे हैं, जो आपको सही रिटायरमेंट प्लानिंग करने में मदद करेंगी।

अपने रिटायरमेंट के लिए बचत नहीं करना
अक्सर लोग अपने रिटायरमेंट के लिए बचत नहीं करते हैं। उनको लगता है कि PF और बीमा जैसे लाभ पर्याप्त होंगे। हालांकि ये आपकी रिटायरमेंट की सभी जरूरतों को पूरा नहीं करेंगे। इसीलिए आपको सक्रिय रहने और अपने रिटायरमेंट की योजना बनाने की जरूरत है। आप अपनी सैलरी का एक छोटा हिस्से के जरिए अपने लिए पर्याप्त रिटायरमेंट फंड तैयार कर सकते हैं।

प्लानिंग करना है जरूरी
बिना किसी प्लानिंग के निवेश करना सबसे बड़ी निवेश गलतियों में से एक है। रिटायरमेंट फंड के लिए हमेशा एक सही और अलग प्लानिंग की जानी चाहिए। क्योंकि लोग औसतन 20-25 साल रिटायरमेंट लाइफ गुजारते हैं। ऐसे में रिटायरमेंट के बाद आपको अपनी जरूरतों के लिए किसी पर आश्रित न होना पड़े इसके लिए प्लानिंग करना बहुत जरूरी है। इसके लिए आप किसी जानकार व्यक्ति की मदद भी ले सकते हैं।

जितनी जल्दी हो सकें शुरू करें रिटायरमेंट के लिए निवेश
रिटायरमेंट के लिए बचत शुरू करने का सही समय वह है जब आपको पहली सैलरी मिलती है। ध्यान रखें लंबे समय में बचत में कम्पाउंडिंग की ताकत होती है। जितना देर से बचत शुरू करेंगे तय रकम जोड़ने के लिए उतनी अधिक रकम निवेश करनी होगी।

मान लीजिए आप यदि कोई 25 साल का व्यक्ति 60 की उम्र में रिटायरमेंट तक 1 करोड़ रुपए जोड़ने की प्लानिंग करता है, मान लें निवेश पर 12% सालाना दर रिटर्न मिल रहा हो तो उसे प्रतिमाह करीब 2 हजार रुपए निवेश करने होंगे। जबकि 45 साल की उम्र से निवेश शुरू करने वाले को प्रतिमाह 12 हजार रुपए निवेश करने होंगे।

एसेट एलोकेशन जरूरी
रिटायरमेंट प्लानिंग में हम अक्सर एसेट एलोकेशन को भूल जाते हैं। ऐसे लोग जिनका रिटायरमेंट 20 साल बाद होना है उन्हें पोर्टफोलियो का बड़ा हिस्सा इक्विटी का रखना चाहिए, क्योंकि इस उम्र में आपको पैसा बनाना है, यहां जोखिम लेकर आप कम्पाउंडिंग की मदद से बड़ी रकम जोड़ सकते हैं। ऐसे लोग जो 50 से अधिक उम्र के हैं उन्हें अपने पोर्टफोलियो का बड़ा हिस्सा डेट फंडों में निवेश करना चाहिए क्योंकि इसमें जोखिम बहुत कम होता है। उम्र बढ़ने के साथ या रिटायरमेंट की उम्र करीब आने के साथ आपको अपने पोर्टफोलियो में एसेट एलोकेशन इक्विटी से डेट की ओर शिफ्ट करना चाहिए।

रिटायरमेंट फंड का सही हिसाब लगाएं
महंगाई बचत को प्रभावित करती है। यह हर साल लाइफ स्टाइल के खर्च को बढ़ाती रहेगी। आज के मुकाबले रिटायरमेंट के बाद आपको लाइफ स्टाइल पर अधिक रकम खर्च करनी होगी। उम्र के साथ इलाज का खर्च भी बढ़ेगा। आप रिटायमेंट पर कितना फंड चाहते हैं इसका एक मोटा अनुमान आपके पास होना चाहिए। ताकि आपको उसे इकट्ठा करने में मदद मिले।

जब तक बहुत जरूरी न हो रिटायरमेंट फंड को न छेड़ें
कई बार पैसों की जरूरत पड़ने पर लोग अपने रिटायरमेंट फंड से ये सोचकर पैसा निकाल लेते हैं कि बाद में इसे मैनेज कर लेंगे। लेकिन ये सही नहीं है। रिटायरमेंट फंड से पैसे निकालने से बचना चाहिए या जब तक बहुत जरूरी न हो रिटायमेंट फंड को न छेड़ें।

51% लोगों के पास रिटायरमेंट के लिए कोई वित्तीय योजना नहीं
हाल ही में हुए PGIM इंडिया म्यूचुअल फंड के सर्वे में सामने आया कि 51% लोगों ने अपने रिटायरमेंट के लिए कोई वित्तीय योजना नहीं बनाई है। इसके अलावा हर 5 भारतीय में से सिर्फ 1 ही रिटायरमेंट प्लानिंग करते समय महंगाई पर विचार करता है। इस सर्वे में शामिल कुल लोगों में से 48% लोग ऐसे थे जिन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि उन्हे कितने रिटायरमेंट की जरूरत है।

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