जम्मू-कश्मीर में DDC इलेक्शन की काउंटिंग:जम्मू संभाग की 140 सीटों में से 24 पर भाजपा आगे, NC को 7 और कांग्रेस को 4 सीटों पर बढ़तजम्मू-कश्मीर में जिला विकास परिषद (DCC) चुनाव की 280 सीटों के लिए काउंटिंग जारी है। जम्मू संभाग की 140 सीटों में से भाजपा 24 पर आगे है। यहां कांग्रेस 4, नेशनल कांफ्रेंस 7, अपनी पार्टी 2 और निर्दलीय 3 सीटों पर आगे हैं। पैंथर्स पार्टी को भी एक सीट पर बढ़त हासिल है। यह जानकारी न्यूज एजेंसी ने जम्मू-कश्मीर स्टेट इलेक्शन अथॉरिटी के हवाले से दी है।
आर्टिकल 370 हटने के बाद यहां पहली बार हुए चुनाव हुए। गुपकार अलायंस के तहत 6 पार्टियों ने मिलकर चुनाव लड़ा था। जम्मू-कश्मीर में DDC की 280, वार्ड की 234 और पंच-सरपंच की 12,153 सीटों के लिए 8 फेज में चुनाव हुए थे। इनमें 51% वोटिंग हुई थी। 28 नवंबर को पहले फेज की वोटिंग हुई थी, जबकि 19 दिसंबर को 8वें और आखिरी फेज की वोटिंग हुई थी।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
जम्मू-कश्मीर के राज्य निर्वाचन आयुक्त केके शर्मा ने कहा कि काउंटिंग के लिए सभी 20 जिला मुख्यालयों पर जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं। सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम हैं। रिटर्निंग अधिकारी हर DDC सीट की काउंटिंग प्रोसेस का प्रभारी होगा। पूरे प्रोसेस की निगरानी की जाएगी और इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग होगी।
किस फेज में कितने वोट पड़े थे?
पहला फेज : 51.79%
दूसरा फेज: 48.62%
तीसरा फेज: 50.53%
चौथा फेज: 50.08%
पांचवां फेज: 51.20%
छठा फेज: 51.51%
सातवां फेज: 57.22%
आठवां फेज: 51.5%
भाजपा को कामयाबी की उम्मीद, गुपकार को मिलेगी कड़ी टक्कर
जम्मू-कश्मीर के इतिहास में यह पहली बार है, जब 6 प्रमुख पार्टियों ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा। आर्टिकल 370 हटने के बाद इन पार्टियों ने मिलकर गुपकार अलायंस बनाया है। इसमें डॉ. फारूक अब्दुल्ला की अध्यक्षता वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस, महबूबा मुफ्ती की अगुआई वाली पीडीपी के अलावा सज्जाद गनी लोन की पीपुल्स कॉन्फ्रेंस, अवामी नेशनल कॉन्फ्रेंस, जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट और माकपा की स्थानीय इकाई शामिल है। वहीं, भाजपा और कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार उतारे। मौजूदा राजनीतिक समीकरणों के मुताबिक, गुपकार अलायंस कश्मीर में ताकतवर है, जबकि भाजपा की स्थिति जम्मू में काफी मजबूत है।
2018 में हुआ था आखिरी चुनाव
इसके पहले नवंबर-दिसंबर 2018 में पंचायत चुनाव हुआ था। उसमें 33 हजार 592 पंच सीटों पर 22 हजार 214 प्रत्याशी और 4,290 सरपंच पदों पर 3,459 प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की थी। बाकी सीटें खाली रह गई थी, जहां अब उपचुनाव हुए हैं।