

अमेरिका के फूड एंड एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने महामारी के इलाज के लिए इबोला की दवा रेमडेसिविर के इस्तेमाल को आपातकालीन मंजूरी दे दी है। एफडीए प्रमुख स्टेफन हान ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रेमडेसिविर के उपयोग को सही सोच करार दिया और कहा कि इससे बहुत उम्मीद है। इसे बनाने वाली कंपनी गिलीड के कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डेनियल ओ डे ने घोषणा की हमने लगभग 10.50 लाख रेमडेसिविर की शीशियां दान करने का फैसला लिया है।‘व्हाइट हाउस ने डॉ. फौसी को कोरोना पर बोलने से रोका’व्हाइट हाउस ने कोरोनावायरस टास्क फोर्स के अधिकारी डॉ. एंथनी फौसी को कोरोना को लेकर हाउस पैनल के सामने बोलने से रोक दिया। अमेरिकी संसद के विनियोग समिति के प्रवक्ता इवान हॉलैंडर ने ये जानकारी दी। सीएनएन न्यूज चैनल ने शुक्रवार को इवान के हवाले से कहा, “विनियोग समिति कोरोनावायरस प्रतिक्रिया पर अगले सप्ताह होने वाली लेबर-एचएच शिक्षा उप समिति की सुनवाई के दौरान डॉ. फौसी को एक गवाह के तौर पर बुलाया है।” एक अलग बयान में व्हाइट हाउस के उप प्रेस सचिव जूड डीरे ने कहा कि महामारी के खिलाफ चल रही लड़ाई से निपटने के दौरान कांग्रेस के सामने डॉ. फौसी की गवाही देने का परिणाम उल्टा होगा।
सुरक्षात्मक उपायों और अर्थव्यस्था को खोलने को लेकर अमेरिका में प्रदर्शनअमेरिका में लेबर डे के दिन एक मई को अतिरिक्त सुरक्षा उपायों और कोरोना के कारण लागू लॉकडाउन के बाद अर्थव्यस्था को फिर से खोलने की मांग को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए। इसमें सैकड़ों प्रदर्शनकारी शामिल थे। नेशनल नर्सेज यूनाइटेड (एनएनयू) की 15 हजार नर्सों ने देश के 13 राज्यों में आयोजित लगभग 140 रैलियों में हिस्सा लिया। प्रशासन से मास्क और अन्य सुरक्षात्मक उपकरण मुहैया कराने की मांग की। एनएनयू की कार्यकारी निदेशक बोनी कैस्टिलो ने ट्विटर पर लिखा, “जब नर्से सुरक्षित नहीं हैं, तो मरीज भी सुरक्षित नहीं हैं।” उन्होंने कहा कि नर्सें लोगों का उपचार करने के लिए तैयार हैं, लेकिन कोरोना की लड़ाई में खुद को बलिदान करने के लिए नहीं।